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मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होना कषà¥à¤Ÿà¤•ारी हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¤‚ह के जरिठहम किसी à¤à¥€ चीज का सेवन करते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में जब मà¥à¤‚ह में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो जाठतो खाने पीने में कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिठइसे बढ़ने से पहले इससे बचाव करना आवशà¥à¤¯à¤• है। तà¤à¥€ तो सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²à¤•à¥à¤°à¥‡à¤œ के इस लेख में हम ओरल थà¥à¤°à¤¶ कà¥à¤¯à¤¾ है व ओरल थà¥à¤°à¤¶ के कारण से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हर छोटी बड़ी जानकारी लेकर आठहैं। इसके साथ ही यहां हम ओरल थà¥à¤°à¤¶ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के बारे में à¤à¥€ जानेंगे।
मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
ओरल थà¥à¤°à¤¶ मà¥à¤‚ह में होने वाला à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जिसे ओरल कैंडिडिआसिस के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। इसके कारण मà¥à¤‚ह के अंदर घाव व खाना निगलने में दिकà¥à¤•त का सामना करना पड़ सकता है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ कैंडिडा नामक फंगस के कारण होता है। आमतौर पर यह फंगस बहà¥à¤¤ कम मातà¥à¤°à¤¾ में मà¥à¤‚ह, पाचन तंतà¥à¤° और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर मौजूद रहता है, जिसे अनà¥à¤¯ जीवाणॠनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। कई दफा किसी बीमारी या दवाओं के चलते इनका संतà¥à¤²à¤¨ बिगड़ सकता है, जिससे यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ बढ़ सकता है और मà¥à¤‚ह में फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का कारण बन सकता है (1)।
मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लिठघरेलू उपाय
यहां हम मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कà¥à¤› घरेलू उपचार बता रहे हैं, जिनकी मदद से इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को काफी हद तक कम किया जा सकता है। चलिà¤, जानते हैं कि घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों की मदद से ओरल थà¥à¤°à¤¶ का इलाज कैसे किया जा सकता है।
1. सेब का सिरका
सामगà¥à¤°à¥€ :
1 गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी
1 चमà¥à¤®à¤š à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनेगर (सेब का सिरका)
शहद (वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤•)
उपयोग का तरीका :
à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनेगर को मिलाà¤à¤‚।
सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठचाहे तो इसमें शहद मिला सकते हैं।
इसे धीरे-धीरे सिप करके पिà¤à¤‚।
इसे पूरे दिन में दो बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
मà¥à¤¹ में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को कम करने के टिपà¥à¤¸ में सेब के सिरके का उपयोग करने की सलाह दी जा सकती है। दरअसल, इससे संबंधित à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में सेब के सिरके को कैंडिडा फंगस के खिलाफ à¤à¤‚टीफंगल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिखाने में सकà¥à¤·à¤® पाया गया (3)। वहीं, बता दें कि मà¥à¤‚ह में होने वाला इंफेकà¥à¤¶à¤¨ कैंडिडा नामक फंगस के कारण होने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ है (1)। यही वजह है कि मà¥à¤¹ में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को कम करने के घरेलू उपाय में सेब के सिरके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है।
2. नारियल तेल से ऑयल पà¥à¤²à¤¿à¤‚ग करना
सामगà¥à¤°à¥€ :
5 चमà¥à¤®à¤š नारियल तेल
उपयोग का तरीका :
à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š नारियल का तेल मà¥à¤‚ह में लें।
फिर इससे कà¥à¤› देर तक गरारे करें।
फिर कà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ करके तले को थूक दें और साफ पानी से कà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ करें।
इसके बाद आप बà¥à¤°à¤¶ कर सकते हैं।
जब तक ओरल थà¥à¤°à¤¶ से निजात नहीं मिलता है, तब तक इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को सà¥à¤¬à¤¹ बासी मà¥à¤‚ह कर सकते हैं।
नोट- तेल के गरारे करते समय तेल को निगलने की गलती न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तेल में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और हानिकारक विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ हो सकते हैं, जो शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सेहत पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ छोड़ सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
ऑयल पà¥à¤²à¤¿à¤‚ग à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार है, जिसका उपयोग मौखिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर बनाठरखने के लिठकिया जाता है। इसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ खादà¥à¤¯ तेलों से गरारे किठजाते हैं, जिनमें नारियल तेल के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² का à¤à¥€ जिकà¥à¤° मिलता है (4)।
वहीं, यीसà¥à¤Ÿ फंगस को नषà¥à¤Ÿ करने के लिठनारियल तेल का à¤à¤‚टीफंगल गà¥à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी हो सकता है (5)। मà¥à¤‚ह में होने वाले इंफेकà¥à¤¶à¤¨ यानी ओरल थà¥à¤°à¤¶ का कारण कैंडिडा फंगस को माना जाता है (1)। à¤à¤¸à¥‡ में ओरल थà¥à¤°à¤¶ से राहत पाने के लिठनारियल तेल से ऑयल पà¥à¤²à¤¿à¤‚ग करना लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
3. दही
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š दही
उपयोग का तरीका :
मà¥à¤‚ह में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š दही डालें।
इसे निगलने से पहले 5 मिनट के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें।
इसके बाद इसे निगल जाà¤à¤‚।
à¤à¤¸à¤¾ दिन में तीन बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
मà¥à¤‚ह में फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लिठदही का उपयोग à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हो सकता है। à¤à¤• शोध में साफ तौर से इस बात का जिकà¥à¤° किया गया है कि दही में लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¬à¥ˆà¤¸à¤¿à¤²à¤¸ नामक गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पाये जाते हैं, जिसका à¤à¤‚टी फंगल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कैंडिडा संकà¥à¤°à¤®à¤£ से राहत दिलवाने का काम कर सकता है (6)। बताते चलें कि ओरल थà¥à¤°à¤¶ à¤à¥€ कैंडिडा नामक फंगस के कारण होने वाला à¤à¤• फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ ही है (1)। इस आधार पर माना जा सकता है कि दही का सेवन ओरल थà¥à¤°à¤¶ के इलाज में मदद कर सकता है।
4. बेकिंग सोडा
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• गिलास पानी
आधा चमà¥à¤®à¤š बेकिंग सोडा
उपयोग का तरीका :
à¤à¤• गिलास पानी में आधा चमà¥à¤®à¤š बेकिंग सोडा मिलाà¤à¤‚।
जब यह अचà¥à¤›à¥‡ से घà¥à¤² जाà¤, तो इस घोल से कà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ करें।
à¤à¤¸à¤¾ दिन में 2 से 3 बार तब तक कर सकते हैं।
नोट- इस उपाय को करते समय इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि बेकिंग सोडा और पानी से तैयार मिशà¥à¤°à¤£ को निगलना नहीं है। यह सेहत पर नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ छोड़ सकता है।
कैसे है फायदेमंद :
बेकिंग सोडा, जिसे वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤·à¤¾ में सोडियम बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है। यह à¤à¤‚टी फंगल गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से समृदà¥à¤§ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में यह मà¥à¤‚ह में संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा करने वाले फंगस को खतà¥à¤® कर सकता है (7)। इस आधार पर माना जा सकता है कि बेकिंग सोडा का उपयोग ओरल थà¥à¤°à¤¶ के इलाज में à¤à¥€ मदद कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में अधिक शोध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
5. à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल
सामगà¥à¤°à¥€ :
आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° माउथ कà¥à¤°à¥€à¤® या जेल
2 से 3 बूंद à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल
उपयोग का तरीका :
सबसे पहले कोई सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माउथ कà¥à¤°à¥€à¤® या जेल लें।
इसमें à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल की दो से तीन बूंदे मिला लें।
फिर इसे अचà¥à¤›à¥‡ से मिकà¥à¤¸ करें और इसे मà¥à¤‚ह के अंदर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाà¤à¤‚।
10 मिनट तक मà¥à¤‚ह को खà¥à¤²à¤¾ ही रखें।
इसके बाद साफ पानी से गरारे करते हà¥à¤ मà¥à¤‚ह धो लें।
कैसे है फायदेमंद:
ओरल थà¥à¤°à¤¶ का कारण बनने वाले कैंडिडा फंगस को खतà¥à¤® करने में कà¥à¤› तरह के à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी हो सकता है। à¤à¤• शोध में इसका जिकà¥à¤° मिलता है कि à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल में à¤à¤‚टी फंगल गà¥à¤£ होते हैं, जो कैंडिडा फंगस को नषà¥à¤Ÿ कर ओरल थà¥à¤°à¤¶ से राहत दिला सकते हैं (8)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि इस उपाय का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सिरà¥à¤« बाहरी तौर पर ही करें। साथ ही इसके लिठहमेशा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माउथ जेल या कà¥à¤°à¥€à¤® का ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
6. लहसà¥à¤¨
सामगà¥à¤°à¥€ :
2 से 3 लहसà¥à¤¨ की कचà¥à¤šà¥€ कली
उपयोग का तरीका :
सबसे पहले à¤à¤•-à¤à¤• करके कचà¥à¤šà¥‡ लहसà¥à¤¨ को मà¥à¤‚ह में रखें ।
इसके बाद करीब 2 से 3 मिनट तक इसे चबाà¤à¤‚।
अचà¥à¤›à¥‡ से चबा लेने के बाद इसे निगल लें।
à¤à¤¸à¤¾ दिन में तीन बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
ओरल थà¥à¤°à¤¶ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में लहसà¥à¤¨ का यह नà¥à¤¸à¥à¤–ा à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकता है। दरअसल, लहसà¥à¤¨ में à¤à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¨ होता है, जो à¤à¤‚टी-फंगल और à¤à¤‚टी-माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। ये दोनों पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ मà¥à¤‚ह में होने वाले फंगस से लड़कर संकà¥à¤°à¤®à¤£ से आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं (9)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि लहसà¥à¤¨ का सेवन ओरल थà¥à¤°à¤¶ के घरेलू उपाय में शामिल किया जा सकता है।
7. नमक यà¥à¤•à¥à¤¤ पानी
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी
आधा चमà¥à¤®à¤š नमक
उपयोग का तरीका :
à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में आधा चमà¥à¤®à¤š नमक मिलाà¤à¤‚।
इस घोल से कà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ करें।
इस उपाय को दिन में तीन बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
लेख में ऊपर बताया जा चà¥à¤•ा है कि कैंडिडा संकà¥à¤°à¤®à¤£ मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है। वहीं, नमक पर हà¥à¤ शोध में पता चला कि इसमें à¤à¤‚टीफंगल गà¥à¤£ मौजूद होता है । नमक का यह गà¥à¤£ कैंडिडा वायरस से निजात दिलाने के साथ ओरल थà¥à¤°à¤¶ की परेशानी को कम करने में सहायक हो सकता है (10)। à¤à¤¸à¥‡ में नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² मà¥à¤‚ह के फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने में घरेलू उपाय के तौर पर किया जा सकता है ।
8. करौंदे का रस (कà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस)
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• गिलास कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस (करौंदा)
उपयोग का तरीका :
नाशà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• गिलास कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस का सेवन करें।
कैसे है फायदेमंद :
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ पर उपलबà¥à¤§ à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस में à¤à¤‚टी-फंगल गà¥à¤£ पाया जाता है, जो मà¥à¤‚ह में संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले फंगस को दूर कर ओरल थà¥à¤°à¤¶ की परेशानी से काफी हद तक राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है (11)। इस आधार पर माना जा सकता है कि कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस का सेवन ओरल थà¥à¤°à¤¶ में à¤à¥€ सहायक हो सकता है।
9. नींबू का जूस
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी
आधा चमà¥à¤®à¤š नींबू का रस
उपयोग का तरीका :
à¤à¤• गिलास पानी में आधा चमà¥à¤®à¤š नींबू निचोड़ें।
चाहे तो सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठशहद मिला सकते हैं।
इसका सेवन दिन में दो बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
ओरल थà¥à¤°à¤¶ के घरेलू उपचार के तौर पर नींबू का रस à¤à¥€ गà¥à¤£à¤•ारी हो सकता है। इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ इनफारà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨) की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• रिसरà¥à¤š में होती है। शोध में à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोगों में ओरल कैंडिडिआसिस के इलाज के दौरान नींबू के रस का सेवन करने वाले लोगों में सà¥à¤§à¤¾à¤° पाया गया (12)। इस आधार पर कह सकते हैं कि नींबू का रस ओरल थà¥à¤°à¤¶ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में कारगर हो सकता है।
10. अंगूर के बीज का अरà¥à¤•
सामगà¥à¤°à¥€ :
2 चमà¥à¤®à¤š अंगूर के बीज का अरà¥à¤•
आधा कप पानी
उपयोग का तरीका :
आधा कप पानी में अंगूर के बीज का अरà¥à¤• मिलाà¤à¤‚।
दिन में दो बार इस पानी को पिà¤à¤‚।
कैसे है फायदेमंद :
मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•शन के इलाज के लिठअंगूर के बीज का अरà¥à¤• लाà¤à¤•ारी हो सकता है। शोध की मानें, तो अंगूर के बीज का अरà¥à¤• कैंडिडा के विकास को रोकने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•ारी हो सकता है। इस संबंध में जारी à¤à¤• पशॠअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में यह पाया गया है कि अंगूर के बीज का अरà¥à¤• कैंडिडिआसिस की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है (13)। à¤à¤¸à¥‡ में मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से बचने के उपाय में अंगूर के बीज के अरà¥à¤• का सेवन सहायक हो सकता है।
11. अनानास
सामगà¥à¤°à¥€ :
आधा कप अनानास के छोटे टà¥à¤•ड़े
उपयोग का तरीका :
दिन में 2 से 3 बार धीरे-धीरे चबाकर अनानास का सेवन करें।
नोट- अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इसका सेवन करने से मà¥à¤‚ह में खà¥à¤œà¤²à¥€, जीठमें सूजन, खांसी जैसी अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है (14)।
कैसे है फायदेमंद :
पारंपरिक चिकितà¥à¤¸à¤¾ के रूप में अनानास का उपयोग वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से किया जाता आ रहा है। अनानास में मौजूद बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ à¤à¤‚टी-फंगल à¤à¤œà¥‡à¤‚ट के रूप में कारà¥à¤¯ करता है, जो फंगस को समापà¥à¤¤ करने में मदद कर सकता है (15)। इस आधार पर ओरल थà¥à¤°à¤¶ के दौरान अनानास का सेवन à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
12. संतरे का जूस
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• गिलास संतरे का जूस
उपयोग का तरीका :
ओरल थà¥à¤°à¤¶ होने पर à¤à¤• गिलास संतरे का रस पिà¤à¤‚।
कैसे है फायदेमंद :
संतरे में विटामिन सी पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद होता है (16)। à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध की मानें, तो विटामिन सी कैंडिडा नामक कवक के नियंतà¥à¤°à¤£ में मददगार हो सकता है (17)। वहीं, ओरल थà¥à¤°à¤¶ होने का कारण à¤à¥€ कैंडिडा कवक ही है (1)। इस आधार पर माना जा सकता है कि मà¥à¤‚ह में फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लिठघरेलू उपाय के तौर पर संतरे के जूस का सेवन करना लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है।
13. à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जूस
सामगà¥à¤°à¥€ :
2 चमà¥à¤®à¤š à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का जूस
à¤à¤• गिलास पानी
उपयोग का तरीका :
पानी में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का जूस मिलाà¤à¤‚ और उसका सेवन करें।
ओरल थà¥à¤°à¤¶ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर दिन में à¤à¤• से दो बार इस मिशà¥à¤°à¤£ को पिया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद :
मà¥à¤‚ह में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को दूर करने के लिठà¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। दरअसल, à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टी-फंगल गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का इलाज करने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकते हैं (18)। जैसा कि हमने पहले à¤à¥€ बताया मà¥à¤‚ह में फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ कैंडिडा नामक फंगस के कारण होता है (1)। इस आधार पर मान सकते हैं कि यह ओरल थà¥à¤°à¤¶ की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिला सकता है।
14. माउथ वॉश
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• या दो गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी-बैग
à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी
उपयोग का तरीका :
सबसे पहले à¤à¤• गिलास पानी गरà¥à¤® पानी ले लें।
उसमें à¤à¤• या दो गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी बैग डालें।
जब यह पानी थोड़ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ हो जाठ।
तब इससे थोड़े थोड़े मातà¥à¤°à¤¾ में मà¥à¤‚ह में à¤à¤°à¤•र गरारे करें।
यह à¤à¤‚टीफंगल माउथवॉश की तरह कारà¥à¤¯ करेगा।
इसे दिन में कम से कम दो बार जरूर करें।
कैसे है फायदेमंद :
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी का सेवन मà¥à¤‚ह के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ में लाà¤à¤•ारी हो सकता है। दरअसल गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी में मौजूद कैटेचिन में à¤à¤‚टी-फंगल गà¥à¤£ पाया जाता है, जो कैंडिडा फंगस से होने वाले मà¥à¤‚ह में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के इलाज में मदद कर सकता है (19)। à¤à¤¸à¥‡ में घर पर बने गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी माउथ वॉश का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² ओरल थà¥à¤°à¤¶ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में उपयोगी साबित हो सकता है।
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